My Sentiments Studio

Bioscope

13June2026

बेटी

"क्या मैं काली या बेनूर, या बेटी होने से दूर?" जब उदास मिट्टी ने माँ धरती से अपना मोल पूछा, तो धरती का उत्तर हर हृदय को छू लेने वाला था। चमकते हीरे-मोतियों और साधारण मिट्टी (बेटी) के बीच यह मर्मस्पर्शी संवाद हर बेटी के वास्तविक और अनमोल महत्व को दर्शाता है।

By Shashi Khare1 min read

मिट्टी थी बहुत उदास .
पसरी बैठी माँ के पास ,
.....माँ धरती ! ये जगमग नग
सब के सब लाल तुम्हारे ?

सोना , चाँदी, माणिक,नीलम
पन्ना , हीरा राजदुलारे ?

मैं धूसर, गोबर-गज
सबके चरणों की रज ,
क्या मैं काली या बेनूर
या बेटी होने से दूर ?

मर्माहत हो उठी वसुंधरा
अश्रुसिक्त , चुप्पी हुई चूर
- तू ही मेरी प्राणाधार
तू ही है सृष्टि का सार ।

इन सब का तो मोल है
तू बेटी अनमोल है ।।