चमगादड़ की शव यात्रा
बिना बिजली की रात और 'ड्रेकुला' का खौफ! अचानक खिड़की से टकराई एक काली पोटली ने पुरानी यादों को डरावने सच में बदल दिया। फिर छोटीबाई ने कहा—"चमगादड़ की शवयात्रा निकलेगी तभी आज सूरज निकलेगा!" डर और रहस्य से बुना यह संस्मरण जरूर पढ़ें।
