मोहना
मशीन सी दौड़ती जिंदगी में जब मोहना पुताई वाले को बुलाती है, तो पति का दर्द छलक उठता है—'हमसे तो दिहाड़ी मज़दूर अच्छे हैं!' क्या सच में सफेदपोश नौकरीपेशा लोग सड़क किनारे बैठे मज़दूरों से भी गए-गुज़रे हैं? मिडिल-क्लास की कड़वी सच्चाई दिखाती मार्मिक कहानी—'मज़दूर'।
